अंडमान के द्वीपों का नाम नेताजी बोस के नाम पर रखा जायेगा

केंद्र सरकार ने अंडमान के रोस, नील और हेवलॉक द्वीप के नाम को बदलने का निर्णय लिया है। रोस, नील तथा हेवलॉक द्वीप का नाम क्रमशः नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वीप, शहीद द्वीप तथा स्वराज द्वीप किया जायेगा। इस नाम परिवर्तन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 दिसम्बर को अंडमान की यात्रा के दौरान की जा सकती है। 30 दिसम्बर को नेताजी की अंडमान यात्रा के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

अंडमान द्वीप के साथ नेताजी का सम्बन्ध

नेताजी सर्वश्री आनंद मोहन सहाय, कैप्टेन रावत ADC तथा कर्नल DS राजू के साथ 29 दिसम्बर,1943 को पोर्ट ब्लेयर गये थे। नेताजी ने इंडियन नेशनल आर्मी जनरल AD लोगनाथन को इन द्वीपों का गवर्नर नियुक्त किया था।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने इन द्वीपों को अपने नियंत्रण में ले लिया था। नेताजी ने 30 दिसम्बर, 1943 को पोर्ट ब्लेयर में झंडा फहराया था। नेताजी मानते थे कि पोर्ट ब्लेयर ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र होने वाला पहला क्षेत्र था। नेताजी ने अंडमान व निकोबार द्वीप का नाम शहीद और स्वराज द्वीप रखने का सुझाव दिया था।

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