अमेरिका के हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव ने यमन के गृह युद्ध से अमेरिका को अलग करने के पक्ष में मतदान किया

हाल ही में अमेरिका के हाउस ऑफ़ रीप्रेजेंटेटिव ने यमन के गृह युद्ध से अमेरिका को अलग करने के पक्ष में मतदान किया। अमेरिका को यमन गृह युद्ध से बाहर निकालने के पक्ष में 247 मत पड़े जबकि इसके विरोध में 175 मत पड़े। इसके पश्चात् अमेरिका को 30 दिन के भीतर यमन से अपने सशस्त्र बलों को बाहर निकलना पड़ेगा।

यमन का गृह युद्ध

  • यमन के गृह युद्ध की शुरुआत 2011 में हुई, जब अन्य कई अरब देशों में अव्यवस्था की स्थिति फैली थी। उस समय लम्बे समय से यमन के राष्ट्रपति रहे अली अब्दुल्लाह सालेह ने अब्द्रब्बुह मंसूर हादी को सत्ता सौंपी।
  • राष्ट्रपति हादी को यमन में विभिन्न समस्याओं का सामना करने में काफी संघर्ष करना पड़ा, उनके सामने जिहादियों के हमले, दक्षिण में अलगाववादी आन्दोलन, सुरक्षा बलों की अली अब्दुल्लाह सालेह के प्रति स्वामीभक्ति, भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी तथा खाद्य सुरक्षा जैसी विशाल समस्याएं थीं।
  • सालेह के समर्थक सैन्य अधिकारियों ने यमन पर नियंत्रण प्राप्त करने के प्रयास किया, जिसके बाद राष्ट्रपति हादी को मार्च 2015 में मजबूरन देश छोड़ कर भागना पड़ा।
  • सऊदी अरब तथा आठ अन्य सुन्नी अरब देशों को यमन को सेना को शिया ईरान का समर्थन प्राप्त होने का संदेह था। इसके बाद सऊदी अरब तथा आठ अन्य सुन्नी अरब देशों ने हादी की सरकार को पुनः स्थापित करने के लिए हवाई हमले शुरू किये।
  • बाद में सरकार तथा विरोधियों ने युद्धविराम पर सहमती प्रकट की है, परन्तु अभी तक इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है।

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