आईआईटी-बॉम्बे ने NAVIC/GPS  के लिए एक स्वदेशी रिसीवर चिप ‘ध्रुव’ विकसित की

आईआईटी-बॉम्बे के छात्रों और शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक स्वदेशी रिसीवर चिप ‘ध्रुव’ विकसित की है। इस चिप का उपयोग देश के स्थानों और मार्गों को खोजने के लिए स्मार्टफोन और नेविगेशन उपकरणों में किया जा सकता है। यह भारत के नेविगेशन उपग्रहों के NAVIC समूह के साथ-साथ अमेरिका के ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम-आधारित उपग्रहों से किसी व्यक्ति के स्थान का सटीक निर्धारण करने के लिए संकेत प्राप्त करेगा।

NAVIC

IRNSS (Indian Regional Navigation System) NAVIC एक क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली है जो सटीक रियल-टाइम पोजिशनिंग तथा टाइमिंग सेवा उपलब्ध करवाती है, यह भारत तथा इसके 1500 किलोमीटर के दायरे के क्षेत्र में कार्य करती है। NAVIC (नाविक) में दो स्तर की सेवाएं प्रदान की जाती है, स्टैण्डर्ड पोजिशनिंग सर्विस तथा सीमित सर्विस। स्टैण्डर्ड पोजिशनिंग सर्विस नागरिक उपयोग के लिए प्रदान की जाती है, जबकि सीमित सेवा सेना समेत कुछ विशिष्ठ यूजर्स को प्रदान की जाती है। नाविक सिस्टम  में उपग्रहों की संख्या को 7 बढ़ाकर 11 किये जाने की योजना है।

IIT मद्रास

IIT मद्रास की स्थापना 1959 में पश्चिमी जर्मनी की सहायता से की गयी थी। यह IIT संस्थान तमिलनाडु में स्थित है, इसे राष्ट्रीय महत्त्व के संस्थान के रूप में चिन्हित किया गया है। इसका कैंपस लगभग 2.5 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।

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