इंद्र नौसेना : भारतीय और रूसी नौसेनाओं के बीच विशाखापत्तनम में शुरू हुआ युद्ध अभ्यास

भारत और रूस की नौसेनाओं के बीच “इंद्र नौसेना” युद्ध अभ्यास का 10वां संस्करण आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। इस युद्ध अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच इंटरओपेराबिलिटी को बढ़ावा देना तथा समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन के सम्बन्ध में आपसी समझ को विकसित करना है।

इंद्र नौसेना 2018

इस युद्ध अभ्यास का आयोजन दो चरणों में किया जायेगा। पहले चरण का का आयोजन विशाखापत्तनम में किया जायेगा, इसमें योजना, प्रोफेशनल इंटरेक्शन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-कूद कार्यक्रम इत्यादि का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास के समुद्री चरण का आयोजन बंगाल की खाड़ी में किया जायेगा। इस अभ्यास का मुख्य केंद्र पनडुब्बी विरोधी कार्यवाही, हवाई सुरक्षा ड्रिल, सतही गोलीबारी, विजिट बोर्ड सर्च एंड सीज़र ऑपरेशन है।

इस युद्ध अभ्यास में भारतीय नौसेना की ओर से गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस रणवीर, स्वदेशी फ्रिगेट आईएनएस सतपुड़ा, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धक प्रणाली कोर्वेट आईएनएस कद्मत्त, आईएनएस सिंधुघोष पनडुब्बी, डोर्निएर समुद्री गश्ती एयरक्राफ्ट, फ्लीट टैंकर आईएनएस ज्योति, हॉक लड़ाकू विमान इत्यादि हिस्सा लेंगे। इसमें रूसी नौसेना की ओर से वर्याग, एडमिरल पंतेलेयेव तथा बोरिस बुतोमा जैसे पोत हिस्सा ले रहे हैं।

पृष्ठभूमि

भारतीय नौसेना रूसी नौसेना के साथ विभिन्न गतिविधियों में शामिल होती है, इसमें ऑपरेशनल इंटरेक्शन, प्रशिक्षण, हाइड्रोग्राफ़िक ऑपरेशन इत्यादि प्रमुख है। इंद्रा नौसेना अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी, तत्पश्चात इस युद्ध अभ्यास के आकार व क्षेत्र में काफी वृद्धि हुई है। इस युद्ध अभ्यास से दोनों देशों की नौसेनाओं के कौशल तथा समन्वय में वृद्धि होगी।

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