इसरो ने कलामसैट V2 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) ने हाल ही में कलामसैट-V2 को श्रीहरिकोटा अन्तरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लांच किया।

कलामसैट-V2

  • कलामसैट-V2 का नाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है, इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
  • यह अब तक का सबसे हल्का सैटेलाइट है।
  • यह एक प्रकार का संचार उपग्रह है, इसका उपयोग रेडियो ट्रांसमिशन तथा वायरलेस कम्युनिकेशन के लिए किया जायेगा।
  • इस सैटेलाइट को बनाने में केवल 12 लाख रुपये का खर्च आया है, इसका निर्माण चेन्नई बेस्ड अन्तरिक्ष शिक्षा फर्म “स्पेस किड्ज इंडिया” के छात्रों द्वारा 6 दिनों में किया गया।
  • इसका जीवनकाल केवल दो माह है।
  • इस सैटेलाइट को PSLV द्वारा लांच किया गया।

प्रयोग

PSLV  चार चरणों वाला राकेट है, इस लांच के दौरान इसरो ने राकेट की डेड स्टेज (मृत चरण) को रिकवर करने का प्रयास किया। आमतौर पर PSLV के तीन चरण अपना काम करने के बाद पुनः पृथ्वी पर गिर जाते हैं। जबकि चौथे चरण को कोई बार रोका व शुरू किया जाता है, इसकी सहायता से स्पेसक्राफ्ट को उचित कक्षा में स्थापित किया जाता है। इसरो ने इस चौथे चरण को प्रयोग करने के लिए एक ऑर्बिटल प्लेटफार्म में परिवर्तित किया। इस प्लेटफार्म पर लगभग शून्य गुरुत्वाकर्षण परिवेश में प्रयोग किया जायेंगे। इसरो ने राकेट के मृत चरण को क्रियाशील रखने  का प्रयास पहली बार किया है।

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