केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रिक्‍स देशों की चिकित्‍सा नियामक एजेंसियों के बीच सहमति‍ पत्र (एमओयू) को मंजूरी दी

मानव उपयोग के लिए चिकित्‍सीय उत्‍पादों के नियमन के क्षेत्र में सहयोग हेतु केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ब्रिक्‍स देशों की चिकित्‍सा नियामक एजेंसियों के बीच सहमति‍ पत्र (एमओयू) पर अपनी मंजूरी दे दी है। इससे संबंधित पक्षों के बीच नियामकीय पहलुओं के बारे में बेहतर समझ विकसित करने में आसानी होगी और भारत से ब्रिक्‍स देशों को इसके साथ ही चिकित्‍सीय उत्‍पादों के निर्यात में मदद मिल सकती है।

ब्रिक्‍स देश

यह पांच देशों का समूह है। 16 जून 2009 को पहले ब्रिक्‍स समिट का आयोजन रूस के येकाटेरींबर्ग में किया गया था। इसमें B का अर्थ ब्राजील, R का अर्थ रूस, I का अर्थ इंडिया (भारत), C का अर्थ चीन और S का अर्थ साउथ अफ्रीका (दक्षिण अफ्रीका) है। ये सभी पांच देश जी-20 के भी सदस्‍य हैं।
ब्रिक्‍स को वर्ष 2010 से पहले सिर्फ ब्रिक के तौर पर जाना जाता था । साउथ अफ्रीका उस वर्ष ब्रिक का हिस्‍सा बना तथा ब्रिक से ब्रिक्‍स हो गया। साउथ अफ्रीका को 15 अप्रैल 2010 को आयोजित दूसरे ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में पांचवें देश के तौर पर संगठन में शामिल किया गया था।

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