केन्द्रीय कैबिनेट ने दी अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन के दोहन के लिए पालिसी फ्रेमवर्क को मंजूरी

केन्द्रीय कैबिनेट ने अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन के दोहन के लिए पालिसी फ्रेमवर्क को मंज़ूरी प्रदान की। अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन में शेल गैस, कोल बेड मीथेन (CBM) इत्यादि शामिल हैं। यह साझा उत्पादन अनुबंध के तहत क्रियान्वित की जाएगी। हाइड्रोकार्बन के भंडार दोहन करने के लिए सरकार द्वारा कंपनियों को प्रोत्साहन दिया जायेगा।

महत्त्व

इस पालिसी से उन क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन के दोहन को बढ़ावा मिलेगा, जिन्हें पहले ही अनुबंध पर दिया गया है। इस पालिसी के तहत अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन के दोहन के लिए नए निवेश पर बल दिया जायेगा। इससे आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा अतिरिक्त रोज़गार के अवसर उत्पन्न होंगे। अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन के दोहन के लिए नवीन तकनीक का उपयोग किया जायेगा।

पृष्ठभूमि

आरम्भ में साझा उत्पादन अनुबंध के तहत पहले से कार्यरत्त कांट्रेक्टर आबंटित क्षेत्र में CBM अथवा अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन का दोहन नहीं कर सकते थे। पुरानी व्यवस्था में एक CBM कांट्रेक्टर, CBM के अलावा किसी अन्य हाइड्रोकार्बन की खोज अथवा दोहन नहीं कर सकता था। भारत के अवसादी बेसिन में CBM ब्लॉक्स में कॉन्ट्रैक्टर्स काफी बड़ा हिस्सा है।

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