केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2018 को स्वीकृति दी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने देश में मानव अधिकारों के बेहतर संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2018 को अपनी स्वीकृति दे दी है।

मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2018 की प्रमुख विशेषताएं:

(1) आयोग के मानित सदस्य के रूप में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को शामिल करने का मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक में प्रस्ताव है।

(2) इस विधेयक में आयोग के गठन में एक महिला सदस्य को जोड़ने का प्रस्ताव करता है।

(3) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तथा राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष पद के लिए पात्रता और चयन के दायरे को बढ़ाने का मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक प्रस्ताव करता है।

(4) केन्द्रशासित प्रदेशों में मानव अधिकारों के उल्लंघन के मामलों को देखने के लिए मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक में एक व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव है।

(5) राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग तथा राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल में संशोधन का मानव अधिकार संरक्षण (संशोधन) विधेयक में प्रस्ताव है, ताकि इसे अन्य आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के कार्यकाल के अनुरूप बनाया जा सके।

लाभः

भारत में मानव अधिकार संस्थानों को इस संशोधन से मजबूती मिलेगी और संस्थान अपने दायित्वों और भूमिकाओं तथा जिम्मेदारियों का कारगर निष्पादन कर सकेंगे। साथ ही संशोधित अधिनियम से मानवाधिकार संस्थान स्वतंत्रता, जीवन,समानता तथा व्यक्ति के सम्मान से संबंधित अधिकारों को सुनिश्चित करने में सहमत वैश्विक मानकों का परिपालन करेंगे।

पृष्ठभूमिः

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) तथा राज्य मानव अधिकार आयोग (एसएचआरसी) मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम. 1993 में संशोधन द्वारा कारगर तरीके से मानव अधिकारों का संरक्षण और संवर्धन करने के लिए अपनी स्वायत्तता, स्वतंत्रता, बहुलवाद तथा व्यापक कार्यों से संबंधित पेरिस सिद्धांत का परिपालन करेंगे।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , ,