केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) को बंद करने की स्वीकृति दी

रेल मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सार्वजनिक प्रतिष्ठान बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) को बंद करने की स्वीकृति दे दी है। 10 वर्षों से अधिक समय में कंपनी की निरंतर गिरते भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन तथा भविष्य में पुनरोत्थान की कम संभावना के कारण यह निर्णय लिया गया है।

मुख्य तथ्य

० घाटे में चल रही बीएससीएल के लिए उपयोग में लाए जा रहे सार्वजनिक धन की इससे बचत होगी और अन्य विकास कार्य के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।
० लगभग 417.10 करोड़ रुपये का एक समय का अनुदान सरकार बंटवारा पैकेज और कंपनी की चालू देनदारियों को खत्म करने के लिए देगी।
० भारत सरकार (रेल मंत्रालय) द्वारा कंपनी को दिए गए 35 करोड़ रुपये के बकाया ऋण का मोचन कर दिया जाएगा। बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड (बीएससीएल) के 508 कर्मचारी स्वैच्छिक अवकाश योजना (वीआरएस) से लाभान्वित होंगे।

पृष्ठभूमिः

1976 में बर्न स्टैंडर्ड कंपनी लिमिटेड गठित की गई थी। राष्ट्रीकरण वर्ष 1987 में इसके साथ बर्न एंड कंपनी तथा इंडिया स्टेंडर्ड वैगन कंपनी लिमिटेड का भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत एकीकरण कर दिए जाने के बाद वर्ष 1994 में कंपनी का मामला औद्योगिक तथा वित्तीय पुनर्निर्माण बोर्ड (बीआईएफआर) को भेजा गया इसके बाद इसे वर्ष 1995 में बीमार घोषित कर दिया गया। कंपनी तब से बीमार स्थिति में है। आर्थिक मामलों की समिति की स्वीकृति के अनुसार 15-09-2010 को कंपनी का प्रशासनिक नियंत्रण डीएचआई से रेल मंत्रालय को सौंप दिया गया। कंपनी वैगनों के निर्माण और मरम्मत तथा इस्पात उत्पादन का कार्य करती है।

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