केरल सरकार ने ‘ड्रीम केरल’ प्रोजेक्ट की घोषणा की

केरल सरकार के मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई, 2020 को अनिवासी भारतीय के पुनर्वास के लिए एक परियोजना शुरू करने का फैसला किया है, COVID -19 प्रकोप के कारण रोजगार के नुकसान के कारण अनिवासी लोग भारत लौटे हैं। इस परियोजना को ‘ड्रीम केरल’ प्रोजेक्ट नाम दिया गया है।

एनआरआई रेमिटेंस का महत्व

केरल के लिए, एनआरआई प्रेषणों का महत्व देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में बहुत अधिक है, दशकों से एनआरआई के प्रेषणों ने राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2018 में, एनआरआई प्रेषण राज्य में 85,000 करोड़ रुपये थे। हालांकि, COVID-19 महामारी के कारण वैश्विक वित्तीय संकट के साथ, यह उम्मीद जताई जा रही है कि लगभग 52% NRI  अपनी नौकरी खोने के बाद राज्य में वापस आ जायेंगे।

ड्रीम केरल प्रोजेक्ट

ड्रीम केरल प्रोजेक्ट के माध्यम से, न केवल वापसी करने वाले अप्रवासियों को पुनर्वास प्रदान किया जाएगा, बल्कि परियोजना की सफलता विशेषज्ञता, कौशल, और लौटने वाले केरलवासियों के ज्ञान पर निर्भर करेगी जो अंतरराष्ट्रीय नौकरी परिदृश्य में प्रशिक्षित हैं। परियोजना का समन्वय केरल सरकार के विभिन्न विभागों के माध्यम से किया जाएगा।

केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने 100 दिन के भीतर परियोजना के सफल क्रियान्वयन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस समय अवधि के भीतर, राज्य सरकार केरलवासियों से प्रस्तावों और सुझावों को स्वीकार करेंगी, प्रस्तुत प्रस्तावों पर निर्णय लेने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल गठित किया जाएगा। विशेषज्ञ राय के लिए युवा सिविल सेवकों का एक पैनल भी बनाया जाएगा।

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