कैबिनेट ने इंटरडिस्प्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम पर राष्ट्रीय मिशन के लांच को मंज़ूरी दी  

केन्द्रीय कैबिनेट ने हाल ही में इंटरडिस्प्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम के राष्ट्रीय मिशन के लांच को मंज़ूरी दी। इसे विज्ञान व तकनीक मंत्रालय के अंतर्गत विज्ञान व तकनीक विभाग द्वारा क्रियान्वित किया जायेगा। इस मिशन का क्रियान्वयन पांच वर्ष तक किया जायेगा। इस मिशन का उद्देश्य समाज में तकनीक की बढती तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कार्य करना है। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय ट्रेंड तथा अग्रणी देशों के रोडमैप का अध्ययन किया गया है।

लाभ

इस मिशन से साइबर फिजिकल सिस्टम (CPS) तथा सम्बंधित टेक्नोलॉजी देश के पहुँच में आ जाएगी।

भारत की विशिष्ट तथा क्षेत्रीय समस्याओं के लिए CPS टेक्नोलॉजी का उपयोग।

CPS में अगली पीढ़ी की कुशल मानवशक्ति तैयार करना।

CPS में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम तथा उद्यमशीलता को बढ़ावा देना।

भारत को अन्य विकसित देशों के स्तर पर लाना।

CPS, तकनीकी विकास, विज्ञान, तकनीक तथा इंजीनियरिंग में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना।

इंटरडिस्प्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम पर राष्ट्रीय मिशन

यह एक व्यापक मिशन है, इसका उद्देश्य तकनीकी विकास, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, मानव संसाधन विकास, कौशल विकास, उद्यमशीलता तथा CPS में स्टार्ट-अप विकास को बढ़ावा देना है।

इसका उद्देश्य 15 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब, 6 एप्लीकेशन इनोवेशन हब, 4 टेक्नोलॉजी रिसर्च पार्क की स्थापना करना है।

इसके चार मुख्य फोकस क्षेत्र हैं (i) तकनीकी विकास (ii) मानव संसाधन विकास तथा कौशल विकास (iii) नवोन्मेष, उद्यमशीलता तथा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम विकास (iv) अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी।

महत्व

यह विकास के इंजन की तरह कार्य करेगा, इससे स्वास्थ्य, शिक्षा, उर्जा, पर्यावरण, कृषि, सामरिक व सुरक्षा, औद्योगिक क्षेत्र 4.0, स्मार्ट सिटीज तथा सतत विकास लक्ष्यों में सहायता मिलेगी। कौशल विकास में यह अति महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। इससे रोज़गार सृजन में भी काफी वृद्धि होगी।

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