जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् को समाप्त किया गया

62 वर्ष पुरानी जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् को समाप्त कर दिया गया है इसके लिए हाल ही में राज्य प्रशासन द्वारा आदेश जारी किये गये थे। 31 अक्टूबर, 2019 को लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बन जायेंगे।

मुख्य बिंदु

राज्य प्रशासन ने हाल ही में आदेश जारी किये, इस आदेश में विधान परिषद् के 116 सदस्यीय स्टाफ को जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट को 22 अक्टूबर, 2019 तक रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। इस आदेश के मुताबिक विधान परिषद् के लिए खरीदे गये सभी वाहन राज्य मोटर गेराज को स्थानांतरित किये जायेंगे। इस अलावा जम्मू-कश्मीर सरकार ने लद्दाख में नया प्रशासनिक सेक्रेटेरिएट खोलने के लिए भी औपचारिक आदेश जारी किये हैं।

पृष्ठभूमि

जम्मू-कश्मीर विधानपरिषद की स्थापना 1957 में की गयी थी। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में द्वि-सद्नात्मक विधायिका की स्थापना हुई थी। उस समय इसके सदस्यों की संख्या 36 थी।

जम्मू-कश्मीर विधानपरिषद् के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता था। इसमें 22 सदस्यों का चयन राज्य विधानसभा द्वारा किया जाता है, 2 सदस्यों का चुनाव स्थानीय अथॉरिटीज, 2 सदस्यों का चुनाव पंचायतो द्वारा किया जाता है। आठ सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल द्वारा चुना जाता है।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , , ,