ट्रांस-फैटी एसिड : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रिप्लेस नामक गाइड जारी की

वैश्विक खाद्य आपूर्ति से औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांस-फैटी एसिड को खत्म करने के लिये विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रिप्लेस (Review, Promote, Legislate, Assess, Create, Enforce) नामक एक गाइड जारी की है। यह हृदय रोग संबंधी खतरे के उन्मूलन हेतु प्रथम वैश्विक पहल है।
प्रतिवर्ष दुनिया भर में लगभग 540,000 लोग ट्रांसफैट के कारण मारे जाते हैं। ट्रांसफैट के उन्मूलन हेतु इसके स्वीकार्य स्तर को वसा, तेल एवं अन्य सभी खाद्य पदार्थों में 2% से कम कर देना चाहिये।

मुख्य तथ्य

० रिप्लेस कार्यक्रम द्वारा सरकार को औद्योगिक रूप से उत्पादित ट्रांसफैट का राष्ट्रीय खाद्य आपूर्ति से त्वरित, पूर्ण और सतत् उन्मूलन करने में सहायता प्राप्त होगी। लोग अपनी ऊर्जा का 1% से भी कम ट्रांसफैट से प्राप्त करते हैं।
० कृत्रिम ट्रांसफैट बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
० साल भर में भारत में 60,000 से अधिक लोगों की ट्रांसफैट के कारण मृत्यु हो जाती है। हालाँकि, वर्तमान में भारत में इसके उपभोग के संबंध में सीमित डाटा ही उपलब्ध है।

वनस्पति तेल हाइड्रोजनीकरण की प्रक्रिया के दौरान सख्त हो जाता है। तब ट्रांस फैटी एसिड का निर्माण होता है। ट्रांस फैटी एसिड तले हुए भोजन, बाजार की चीजें जैसे डोनट और कुकीज़, प्रोसेस्ड फूड्स (processed foods) और मार्जरीन (margarines) में पाए जाते हैं।

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