नीति आयोग ने लॉन्च किया समग्र जल प्रबंधन सूचकांक

नीति (NITI – National Institution for Transforming India) आयोग ने जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन में प्रदर्शन का आकलन और सुधार करने के लिए समग्र जल प्रबंधन सूचकांक को उपयोगी उपकरण के रूप में लॉन्च किया. इस सूचकांक के उपयोग से जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए उपयुक्त रणनीतियों को तैयार करने और लागू करने में आसानी रहेगी.

मुख्य तथ्य

संयुक्त जल प्रबंधन सूचकांक में 9 पैरामीटर और 28 संकेतक शामिल हैं. इनमें भूजल, सिंचाई, जल निकायों की मरम्मत, कृषि प्रथाओं, पेयजल, नीति और शासन के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है. विश्लेषण के उद्देश्य से सूचकांक में राज्यों को उत्तर पूर्वी व हिमालयी राज्यों और अन्य राज्यों के दो विशेष समूहों में विभाजित किया गया था. यह विभाजन इन समूहों में विभिन्न जलविधुत स्थितियों को ध्यान में रखकर किया गया है. संयुक्त जल प्रबंधन सूचकांक का उपयोग जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए उपयुक्त रणनीतियों को तैयार करने और लागू करने के लिए किया जायेगा. इस सूचकांक से उन राज्यों पर दबाव बनाने में मदद मिलेगी जिन्होंने अपनी जल प्रबंधन तकनीकों में सुधार करने के लिए अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है क्योंकि यह सीधे विभिन्न राज्यों में कृषि समृद्धि से जुड़ा हुआ है. समग्र जल प्रबंधन सूचकांक राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के लिए उपयोगी जानकारी प्रदान करेगा जो उन्हें जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के लिए उपयुक्त रणनीतियों को तैयार करने और उनका कार्यानव्यन करने में सक्षम बनाएगी.

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