प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) का एक वर्ष पूरा हुआ

प्रधानमंत्री जन आयोग योजना (आयुष्मान भारत) का एक वर्ष पूरा हो गया है। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितम्बर, 2018 को लांच किया था। अब तक 3 करोड़ करोड़ से अधिक लोगों को ई-कार्ड जारी किये जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत)

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक सरकारी स्वास्थ्य योजना है, इसके तहत एक परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इसका लाभ किसी सरकारी व कुछ एक निजी अस्पतालों में लिया जा सकता है।  इस योजना को राष्ट्रीय स्वस्थ्य एजेंसी द्वारा लागू किया जा रहा है।

इस योजना के लिए 60% योगदान केंद्र द्वारा दिया जाता है, जबकि शेष राशी राज्यों द्वारा दी जाती है। इस योजना के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए नीति आयोग भी साथ में कार्य कर रहा है।

योजना के मुख्य बिंदु

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों की संख्या व आयु पर कोई सीमा नहीं है।  इसके तहत अस्पताल में भर्ती होने से पहले व बाद के खर्च को भी शामिल किया जायेगा। इस योजना में हॉस्पिटलाईजेशन के दो दिन पहले की दवा, डायग्नोसिस और बेड चार्जेज शामिल हैं। इसके अलावा हॉस्पिटलाईजेशन की अवधि तथा उसके बाद के 15 दिन के खर्च को इसमें कवर किया जायेगा। हॉस्पिटलाईजेशन के लिए रोगी को परिवहन व्यय भी दिया जायेगा।

उपचार के खर्च का भुगतान सरकार द्वारा पहले ही निश्चित किये गए पैकेज रेट पर किया जायेगा। पैकेज रेट में उपचार से सम्बंधित सभी खर्चे शामिल हैं। राज्य व केंद्र शासित प्रदेश इन खर्चों में एक सीमा तक परिवर्तन भी कर सकते हैं।

इस योजना के तहत रोगी का देश भर में हॉस्पिटलाईजेशन निशुल्क होगा। इससे देश के निर्धन वर्ग को काफी सहायता मिलेगी और देश में स्वास्थ्य सुरक्षा अधिक लोगों को प्राप्त हो सकेगी।

इस योजना के तहत लाभार्थी सरकार द्वारा चिन्हित किसी सरकार अथवा निजी अस्पताल से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत वेरिफिकेशन के लिए आधार कार्ड, वोट कार्ड अथवा राशन कार्ड की आवश्यकता पड़ेगी।

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