बी-मोलासेस अथवा गन्ना रस से डायरेक्ट एथेनॉल निर्माण के लिए केंद्र ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने शुगर मिल को सीधे गन्ना रस अथवा बी-मोलासेस से एथेनॉल निर्माण के लिए अधिसूचना जारी की। इसके लिए शुगरकेन कण्ट्रोल आर्डर, 1966 में संशोधन किया गया। इस निर्णय के बाद सरप्लस वर्ष में शुगर मिल गन्ना रस को एथेनॉल निर्माण के लिए उपयोग कर सकते हैं।

मुख्य बिंदु

इससे पहले एथेनॉल निर्माण के लिए सी-मोलासेस का उपयोग किया जाता था। सी-मोलासेस गन्ना प्रसंस्करण के दौरान एक by-product के रूप में निकलता है। मोलासेस का उपयोग स्पिरिट व अल्कोहल इत्यादि उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

पृष्ठभूमि  

वर्ष 2017-18 में चीनी का उत्पादन 32 मिलियन टन था, जबकि मांग केवल 25 मिलियन टन थी, इस अतिरिक्त उत्पादन के कारण शुगर मिलों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। इसलिए अतिरिक्त उत्पादन से बचने के लिए गन्ना रस अथवा बी-मोलासेस का उपयोग अब एथेनॉल के निर्माण के लिए किया जायेगा। इससे शुगर मिलों को लगभग 5,000 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है।

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