भारतीय रेलवे कर रहा है त्रिनेत्र टेक्नोलॉजी का परीक्षण

केन्द्रीय रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान कहा कि भारतीय रेलवे त्रिनेत्र (Terrain Imaging for Drivers Infrared, Enhanced, Optical & Radar Assisted) टेक्नोलॉजी का परीक्षण कर रहा है। इस टेक्नोलॉजी के द्वारा रेलमार्ग में बाधाओं का पता लगाया जा सकता है।

मुख्य बिंदु

भारतीय रेल ने 2002-03 में आधुनिक तकनीक का विकास किया था और इसका परीक्षण बड़े पैमाने पर किया, परन्तु यह सफल नहीं हो सका। इसके बाद इस परियोजना को रद्द करके एक नयी परियोजना शुरू की गयी, नयी परियोजना में धुंध में देखने के लिए डिवाइस का विकास किया गया था। इसी प्रकार त्रिनेत्र भी भारतीय रेलवे का एक और प्रयास है। इस तकनीक के द्वारा रेल लाइन के मार्ग में मौजूद बाधाओं का पता लगाया जा सकता है।

त्रिनेत्र टेक्नोलॉजी

त्रिनेत्र टेक्नोलॉजी का पूर्ण स्वरुप Terrain Imaging for Drivers Infrared, Enhanced, Optical & Radar Assisted है। इसमें इन्फ्रारेड कैमरा, ऑप्टिकल कैमरा तथा राडार समर्थित इमेजिंग प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है, इस तकनीक के माध्यम से चालक को धुंध में भी रेलमार्ग में मौजूद किसी बाधा का पता चल सकेगा। इस तकनीक का परीक्षण व्यापाक रूप से किया जायेगा ताकि इसके परिणाम सटीक हों।

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