भारत बना विश्व सीमा शुल्क संगठन के एशिया प्रशांत क्षेत्र का उपाध्यक्ष

भारत को विश्व सीमा शुल्क संगठन के एशिया प्रशांत क्षेत्र का उपाध्यक्ष बनाया गया है, इसमें भारत का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा। यह कार्यकाल जुलाई 2018 से लेकर जून 2020 तक होगा। उपाध्यक्ष का स्थान मिलने ने भारत विश्व सीमा शुल्क संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्य तथ्य

भारत को उपाध्यक्ष का स्थान मिलने पर केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड तथा Confederation of Indian Industry (CII) द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एशिया-प्रशांत क्षेत्र से 33 देशों के सीमा शुल्क प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लिया।

विश्व सीमा शुल्क संगठन

विश्व सीमा शुल्क संगठन स्वतंत्र अंतर्सरकारी संगठन है, इसका उद्देश्य शीमा शुल्क सम्बन्धी कार्य में कुशलता लाना है। इस संगठन की स्थापना 1952 में कस्टम्स को-ऑपरेशन कौंसिल के रूप में की गयी थी। विश्व सीमा शुल्क संगठन के मुख्यालय बेल्जियम के ब्रुसेल्स में स्थित है।

उद्देश्य

विश्व सीमा शुल्क संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों को सीमा शुल्क सम्बन्धी कार्य में कुशलता प्राप्त करने में सहायता करना है, जिसके द्वारा सदस्य देश राष्ट्रीय विकास को लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त आधुनिक सीमा शुल्क व्यवस्था व विधियों को लागू करना व उनका प्रचार कर भी इसका प्रमुख कार्य है।

संगठन

विश्व सीमा शुल्क संगठन की कार्यशैली इसके सचिवालय पर निर्भर है, इसके अलावा विश्व व्यापार संगठन में कई तकनीकी व सलाहकार समितियां भी हैं। विश्व सीमा शुल्क संगठन में 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ तथा अन्य अधिकारी शामिल होता हैं। इस संगठन को 6 क्षेत्रों में बांटा गया है, प्रत्येक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व विश्व व्यापार संगठन परिषद् में चुने गए उपाध्यक्ष द्वारा किया जाता है।

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