भारत सरकार ने पेरासिटामोल एपीआई निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध हटाया

28 मई, 2020 को भारत सरकार ने पेरासिटामोल सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया।

मुख्य बिंदु

प्रतिबंध हटाने से अब COVID-19 उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा सामग्री के निर्यात की अनुमति होगी। इसके लिए, भारत सरकार ने विदेशी व्यापार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 में संशोधन किया है।

प्रतिबन्ध

भारत सरकार ने पहले 26 से अधिक फार्मा अवयवों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें पेरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन शामिल थे। यह COVID-19 के प्रकोप के दौरान देश के अंदर कमी से बचने के लिए किया गया था। 6 अप्रैल, 2020 को पैरासिटामोल के अलावा 24 एपीआई पर निर्यात प्रतिबंध हटा दिया गया था।

यूरोप के लिए एपीआई की आपूर्ति

भारत अब यूरोप में 1000 टन एपीआई (सक्रिय दवा सामग्री) की आपूर्ति करेगा। यूरोप भारत से पेरासिटामोल का सबसे बड़ा खरीदार है। यूरोप प्रतिवर्ष 12,000 टन से अधिक पेरासिटामोल का आयात करता है।

पैरासिटामोल

पेरासिटामोल एक दर्द निवारक दवा है। इसे पहली बार 1877 में बनाया गया था। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन की आवश्यक औषधि सूची में रखा गया है।

2018-19 में भारत ने 5.8 बिलियन डालर की पेरासिटामोल का निर्यात किया था। 2019-20 में (जनवरी 2020 तक) पेरासिटामोल का निर्यात 5.41 बिलियन डॉलर था।

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