भारत सरकार ने IIT दिल्ली  के साथ मिलकर वेस्ट टू वेल्थ टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये

भारत सरकार ने IIT दिल्ली के साथ मिलकर वेस्ट टू वेल्थ टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक व तकनीकी समाधानों के द्वारा कचरा प्रबंधन के लिए वेस्ट टू वेल्थ रूपांतरण को बढ़ावा देना है। वेस्ट टू वेल्थ मिशन प्रोजेक्ट को हाल ही में गठित प्रधानमंत्री की विज्ञान तकनीक तथा नवोन्मेष सलाहकार परिषद् (PM-STIAC) ने मंज़ूरी दी थी।

IIT दिल्ली

IIT दिल्ली एक सार्वजनिक इंजीनियरिंग संस्थान है, यह दिल्ली के हौज़ ख़ास में स्थित है। इसकी स्थापना 1961 में की गयी ही। वर्तमान में इसका क्षेत्रफल 320 एकड़ है। वर्तमान में इसके चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला हैं।

प्रधानमंत्री विज्ञान तकनीक तथा नवोन्मेष सलाहकार परिषद् (PM-STIAC)

  • यह संस्था देश में वैज्ञानिक व तकनीकी समाधान के मूल्यांकन व क्रियान्वयन के लिए कार्य करती है।
  • इस संस्था ने प्रमुख वैज्ञानिक चुनौतियों के लिए नौ राष्ट्रीय मिशन को चिन्हित किया है।
  • इन नौ मिशनों के द्वारा जटिल समस्याओं का समाधान किया जाएगा तथा धारित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
  • “वेस्ट टू वेल्थ” भी इन्ही नौ मिशनों में से एक है।

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