महाराष्ट्र सरकार ने की पिछड़े हुए विदर्भ और उत्तरी मराठवाडा के लिए 21,222 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा

महाराष्ट्र सरकार ने विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों के लिए 21,222 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की। इस पैकेज के उचित उपयोग की निगरानी के लिए नागपुर में विशेष केंद्र स्थापित किया जाएग। इस पैकेज के मुख्य उद्देश्य उद्योगों का विकास, सिंचाई सुविधाओं, कृषि और पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना है।

मुख्य बिंदु

इस पैकेज से दूध एकत्रीकरण नेटवर्क तथा दूध प्रसंस्करण संस्थान शुरू किया जायेगा। इसके अतिरिक्त महानंदा की तरह एक और सरकारी दूध ब्रांड ‘गोंडवाना’ शुरू किया जायेगा। दुग्ध उत्पादों के निर्माण के लिए गढ़चिरोली में एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। वाशिम में प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप पर एक कॉलेज स्थापित किया गया जायेगा। इसी कॉलेज में एक डेंटल कॉलेज भी खोला जायेगा, जिसका वहन राज्य सरकार करेगी। इसके अतिरिक्त अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जायेगा।

पृष्ठभूमि

2012 से 2016 के दौरान महाराष्ट्र में कई क्षेत्रों में सूखे के हालात बने हैं। सूखे की स्थिति सबसे अधिक भयावह विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में किसानों द्वारा आत्महत्या किये जाने की दर काफी अधिक है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के कई अन्य क्षेत्रों में भी सूखे के हालात हैं। राज्य में कई सिंचाई परियोजनाएं फण्ड की कमी के चलते अधर में लटकी हुई हैं।

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