रिलायंस बनी 150 बिलियन डॉलर के मूल्य वाली  पहली भारतीय कंपनी

मुंबई स्थित भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी  रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) 19 जून, 2020 को 150 अरब डॉलर के मूल्य को छूने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गयी है। रिलायंस यह उपलब्धि हासिल करने आली पहली बार भारतीय कंपनी बन गयी है।

मुख्य बिंदु

कंपनी मार्च 2021 के अपने लक्ष्य से आगे शुद्ध ऋण-मुक्त हो गई है, इस घोषणा के बाद रिलायंस के शेयर में काफी तेज़ी देखी गयी।  31 मार्च, 2020 को रिलायंस का ऋण 161,035 करोड़ रुपए था। लॉकडाउन के बावजूद, 58 दिनों की अवधि में, रिलायंस इंडस्ट्रीज 168,818 करोड़ रुपये से अधिक जुटाने में कामयाब रही।

कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों को 53,124.20 करोड़ रुपये के शेयर की पेशकश की गई थी।

शेष 115,693.95 करोड़ रुपये आरआईएल की सहायक कंपनी जिओ प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी बिक्री के 11 सौदों के माध्यम से जुटाए गए।

जिओप्लेटफार्मों में लगभग 24.70% हिस्सेदारी अब निम्नलिखित कंपनियों के स्वामित्व में है:

अमेरिका की कंपनी फेसबुक ने 43,574 करोड़ रुपये में 9.99% हिस्सेदारी खरीदी, यह सौदा भारत में किसी भी क्षेत्र में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) है। अन्य कंपनियां अबू धाबी आधारित निवेश कंपनियां हैं- मुबाडाला और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण। अमेरिका की कंपनियां- जनरल अटलांटिक, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, केकेआर एंड कंपनी, टीपीजी कैपिटल और कैटरटन पार्टनर्स।

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