लेप्टोस्पायरोसिस का टीका विकसित करने हेतु शोधकर्ताओं ने सफलतापूर्वक एक महत्वपूर्ण पेप्टाइड की पहचान की

गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र, गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने सफलतापूर्वक एक महत्वपूर्ण पेप्टाइड (Peptide) की पहचान की है जिसे लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) के खिलाफ एक नया निवारक टीका विकसित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

मुख्य तथ्य

० लेप्टोस्पायरोसिस एक उभरती हुई उष्णकटिबंधीय संक्रामक बीमारी है।
० वर्तमान में इसके लिए बाजार में उपलब्ध कोई निवारक टीका नहीं है।
० लेप्टोस्पायरोसिस एक जीवाणु रोग है जो मनुष्यों और जानवरों को प्रभावित करता है।
० यह लेप्टोस्पिरा जीनस (Genus Leptospira) के बैक्टीरिया के कारण होता है।
० जीवाणु दूषित पानी या मिट्टी के संपर्क के माध्यम से या जलाशयों के जंगली या घरेलू जानवर के सीधे संपर्क के माध्यम से फैलता है।
० उपचार के बिना, लेप्टोस्पायरोसिस गुर्दे की क्षति, मेनिनजाइटिस (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर झिल्ली की सूजन), जिगर का काम न करना ,साँस लेने में तकलीफ यहां तक कि मौत का कारण बन सकता है।

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