लोक सभा ने पारित किया बच्चों के लिए निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा (द्वितीय संशोधन) बिल, 2017 पारित

लोक सभा ने बच्चों के लिए निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा विधेयक, 2017 को पारित किया। इसका उद्देश्य स्कूलों में ‘No Detention Policy’ को समाप्त करना है। ‘नो डिटेंशन पालिसी’ के तहत 1 से 8 कक्षा तक किसी भी छात्र को फेल नहीं किया जाता था।

बिल के मुख्य बिंदु

इस बिल के द्वारा शिक्षा के अधिकार अधिनियम में निहित ‘नो डिटेंशन पालिसी’ में परिवर्तन किया गया है। इसके अंतर्गत स्कूल छात्रों को 5वीं, आठवीं या दोनों कक्षाओं में रोक सकते हैं। इस बिल के प्रावधान के अनुसार प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में 5वीं अथवा 8वीं की परीक्षाएं नियमित रूप से करवाई जानी चाहिए। यदि 5वीं अथवा आठवीं कक्षा में कोई छात्र फेल होता है तो परीक्षा परिमाण के दो महीने के भीतर उसे पुनः परीक्षा देने का मौका दिया जाना चाहिए। यही पुनः परीक्षा देने के बाद भी छात्र फेल हो जाता है तो उसे 5वीं अथवा आठवीं कक्षा की पढाई पुनः करनी होगी।  इस बिल के द्वारा केंद्र और राज्यों सरकारों को निर्णय लेने की शक्ति दी गयी है कि वे छात्रों को फेल करने की नीति को जारी रखा जाये अथवा नहीं।

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