वैश्विक कृषि नेतृत्व पुरस्कार 2018 : प्रमुख तथ्य

11वें ग्लोबल कृषि नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2018 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया, इसकी थीम “किसानो को बाज़ार से जोड़ना” है। इस दो दिवसीय शिखर सम्मलेन का उद्देश्य राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मार्केटिंग के परिदृश्य तथा भारतीय किसानो से मार्केट से जोड़ने के विषय पर चर्चा करना था। इस शिखर सम्मलेन का आयोजन 2008 में पहली बार किया गया था, इसका आयोजन भारतीय खाद्य व कृषि परिषद् (ICFA) द्वारा केन्द्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय तथा वाणिज्य मंत्रालय के सहयोग से किया जाता है।

वैश्विक कृषि नेतृत्व पुरस्कार 2018

वैश्विक कृषि नेतृत्व पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2008 में की गयी थी, इस पुरस्कार के द्वार किसानों के सशक्तिकरण के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं को सम्मानित किया जाता है। इस पुरस्कार के विजेता का चुनाव महान कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन की अध्यक्षता वाली जूरी द्वारा किया जाता है। वैश्विक कृषि नेतृत्व पुरस्कार 2018 के विजेताओं की सूची नीचे दे गयी है :

प्रोफेसर रूडी रब्बिंगे को अंतर्राष्ट्रीय नेतृत्व पुरस्कार प्रदान किया गया, वे नीदरलैंड सरकार के खाद्य सुरक्षा के विशेष अधिकारी हैं। उन्हें खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में योगदान के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।

इस सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के स्थान पर कृषि मंत्री सोमी रेड्डी ने “पालिसी लीडरशिप” श्रेणी में वैश्विक कृषि नेतृत्व पुरस्कार प्राप्त किया गया। यह पुरस्कार उन्हें किसानों की समस्याओं का समाधान तथा उनके जीवन को बेहतर बनाने, सिंचाई, मार्केटिंग पहल और जीरो बजट फार्मिंग  को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है।

विभिन्न क्षेत्रों में राज्यों को पुरस्कार

सर्वश्रेष्ठ मतस्य पालन राज्य : झारखण्ड

सर्वश्रेष्ठ पशुपालन राज्य : बिहार

सर्वश्रेष्ठ बागवानी राज्य : नागालैंड

सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य : गुजरात

प्रोग्राम लीडरशिप अवार्ड : हरियाणा

प्रथम विश्व कृषि पुरस्कार : एम. एस. स्वामीनाथन

कृषि वैज्ञानिक प्रोफेसर एम.एस. स्वामीनाथन को भारतीय खाद्य व कृषि परिषद् (ICFA) के पहले विश्व कृषि पुरस्कार से सम्मानित किया गया, उन्हें यह पुरस्कार जेनेटिक्स, सायटोजेनेटिक्स, रेडिएशन तथा केमिकल मुटाजेनेसिस, खाद्य तथा जैव विविधता संरक्षण पर शोध के लिए दिया गया। इस पुरस्कार में 1 लाख डॉलर की राशि इनामस्वरुप प्रदान की जाएगी। यह एक वार्षिक पुरस्कार होगा, जिसे किसी व्यक्ति अथवा संस्था को प्रदान किया जाता है।

एम.एस. स्वामीनाथन

एम.एस. स्वामीनाथन का जन्म 7 अगस्त, 1925 को हुआ था, वे देश की अग्रणी कृषि वैज्ञानिक हैं। उन्हें भारत की पहली हरित क्रांति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है। वे 1972 से 1979 तक भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के अध्यक्ष रहे।  1979-80 में वे कृषि मंत्रालय में प्रधान सचिव रहे। 1982-88 के दौरान के वे अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसन्धान संस्थान के महानिदेशक रहे। 1988 में वे अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति व प्राकृतिक संसाधन संरक्षण संघ के अध्यक्ष बने।

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