संसद ने पारित किया स्टेट बैंक्स (निरस्त व संशोधन) बिल, 2017

संसद ने स्टेट बैंक्स विधेयक, 2017 पारित किया, यह बिल SBI के 6 सहायक बैंकों के विलय के लिया प्रस्तुत किया गया था। इस बिल को लोकसभा ने 2017 के मानसून सत्र में पारित किया था।

बिल के प्रमुख बिंदु

इस बिल के द्वारा दो अधिनियमों को निरस्त किया गया, यह दो अधिनियम स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (सहायक बैंक) अधिनियम, 1959 और स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद अधिनियम, 1956 हैं। इन दो अधिनियमों के द्वारा स्टेट बैंक ऑफ़ बीकानेर, स्टेट बैंक ऑफ़ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ़ हैदराबाद और स्टेट बैंक ऑफ़ ट्रावनकोर की स्थापना की गयी थी। यह सभी बैंक SBI के सहायक बैंक थे। इन दो अधिनियम को निरस्त किये जाने के बाद अब यह पांच सहायक बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया में शामिल किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त इस बिल के द्वारा स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया  एक्ट, 1955 में भी संशोधन किया गया, इसके द्वारा सहायक बैंक और SBI की RBI के एजेंट के रूप में भूमिका के सन्दर्भ को इस अधिनियम से हटाया गया।

पृष्ठभूमि

केन्द्रीय कैबनेट ने फरवरी 2017 में पांच सहायक बैंकों और भारतीय महिला बैंक के SBI में विलय को मंज़ूरी दी थी। इस विलय का उद्देश्य लागत में कमी, लाभ में वृद्धि और फंडिंग की लागत को कम करना, उत्पादकता में वृद्धि करना था। इस विलय के बाद भारतीय स्टेट बैंक विश्व के 50 सबसे बड़े बैंकों की सूची में शामिल हो गया।

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