सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं को प्रदान किया जायेगा स्थायी कमीशन : प्रधानमंत्री मोदी

72वें स्वतंत्र दिवस के उपलक्ष्य पर देश को संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र सेनाओं में कार्यरत्त महिलाओं को स्थायी कमीशन दिए जाने की घोषणा की। अतः जिन महिला अधिकारियों की नियुक्ति सैन्य संगठनों में शार्ट सर्विस कमीशन के द्वारा की गयी है, उनके पास पास स्थायी कमीशन ग्रहण करने का विकल्प होगा।

वर्तमान योजना

वर्तमान में सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं को केवल अफसर के रूप में नियुक्त किया जाता है, महिलाओं की भर्ती अधीनस्थ रैंक में नहीं की जाती। भारतीय थल सेना में 1,561, भारतीय  वायुसेना में 1,594 तथा भारतीय जल सेना में 644 महिला अफसर कार्यरत्त हैं। वर्तमान योजना के तहत जिन पुरुष अफसरों की नियुक्ति SSC स्कीम के तहत हुई है, वे 10 वर्ष के बाद स्थायी कमीशन चुन सकते हैं, परन्तु अभी महिलाओं के लिए यह विकल्प मौजूद नहीं था।

महत्व

इस स्कीम से महिला अफसरों के करियर में काफी बदलाव आएगा और उनके पास पूर्ण सेवा काल में करने का मौका होगा। मई 2018 में केंद्र सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में बताया था कि सरकार SSC द्वारा नियुक्त महिला अफसरों के लिए स्थायी कमीशन की व्यवस्था कर रही है। महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन दिए जाने के बाद अब वे भी कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जनरल तथा लेफ्टिनेंट जनरल जैसे रैंक हासिल कर सकती हैं।

नोट : महिला अफसरों को स्थायी कमीशन दिए जाने के बाद भी युद्धक भूमिकाओं (इन्फेंट्री, अर्मौरेड कॉपर्स, आर्टिलरी इत्यादि) में उन्हें अभी शामिल नहीं किया जायेगा।

भारतीय वायुसेना व जल सेना में महिला अफसर

भारतीय थल सेना की अपेक्षा जल सेना और वायु सेना में महिला अफसर युद्धक भूमिका में कार्य कर सकती हैं। भारतीय वायुसेना में महिला अफसर फ्लाइंग तथा ग्राउंड ड्यूटी दोनों में प्रवेश कर सकती हैं। वायुसेना में SSC के द्वारा नियुक्त की गयी महिला अफसर लड़ाकू विमान पायलट, हेलीकाप्टर तथा परिवहन पायलट के रूप में भी कमीशन की जाती हैं। इसके अलावा वायुसेना में महिला अफसरों को कानूनी, शैक्षणिक तथा गुप्त सूचना शाखाओं में शामिल किया जाता है। भारतीय जल सेना में SSC के द्वारा नियुक्त महिला अधिकारियों को मालवाहक, कानून, एयर ट्रैफिक कण्ट्रोल, पर्यवेक्षक, पायलट इत्यादि में शामिल किया जाता है।

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