सुरेश एन. पटेल को केन्द्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया

के. संथानम समिति की सिफारिश पर केंद्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना 1964 में सरकार द्वारा की गई थी, ताकि सामान्य अधीक्षण और सतर्कता प्रशासन पर नियंत्रण किया जा सके। हाल ही में, आंध्र बैंक के पूर्व एमडी और सीईओ सुरेश एन. पटेल को केन्द्रीय सतर्कता आयोग में सतर्कता आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया है। केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम 2003 के अनुसार अध्यक्ष के रूप में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त होगा और सदस्य के रूप में दो से अन्य सतर्कता आयुक्त होंगे। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और सतर्कता आयुक्तों के पद का कार्यकाल कार्यालय में प्रवेश करने की तारीख से चार साल या जब तक वे 65 वर्ष की आयु प्राप्त नहीं कर लेते, तक होता है।

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की भूमिका

केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच करता है। हालाँकि, इस तरह की जाँच सरकार की अनुमति के बाद ही की जा सकती है। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त पूछताछ शुरू करने के लिए सीबीआई अधिकारियों को निर्देश नहीं दे सकता है। CVC के पास आपराधिक मामले दर्ज करने की शक्तियां नहीं होती हैं, बल्कि यह केवल सतर्कता और अनुशासनात्मक मामलों से सम्बंधित कार्य कर सकता है।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह

सतर्कता जागरूकता सप्ताह हर साल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मनाया जाता है।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , ,