सोने की वस्तुओं में हॉलमार्क के लिए केंद्र सरकार ने नए नियमों की घोषणा की

14 जनवरी, 2020 को भारत सरकार ने घोषणा की है कि अब भारतीय ज्वैलर केवल 14, 18 और 22 कैरेट सोने से बनी वस्तुएं ही बेच सकेंगे। इसके अलावा सभी आभूषण विक्रेताओं के लिए हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया गया है। वर्तमान में सोने में हॉलमार्किंग स्वैच्छिक है। परन्तु 15 जनवरी, 2021 से यह अनिवार्य हो जायेगा।

मुख्य बिंदु

हॉलमार्किंग नियमों का पालन न करने पर एक वर्ष की कैद तथा जुर्माने के प्रावधान रखा गया है। भारतीय मानक ब्यूरो के मुताबिक हॉलमार्किंग की व्यवस्था करने के लिए जौहरियों को एक वर्ष का समय दिया गया है।

हॉल मार्क

हॉल मार्क भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा जारी शुद्धता के स्तर का प्रमाण होता है। BIS हॉलमार्क त्रिकोण के आकार का होता है, इसमें उत्पादक का लोगो तथा उत्पादन के निर्माण का वर्ष लिखा होता है। नकली सोने और इससे सम्बंधित फ्रॉड को रोकने हॉलमार्किंग आवश्यक है।

वर्तमान समय में केवल 28.849 जौहरी ही BIS पंजीकृत हैं। विश्व स्वर्ण परिषद् के अनुसार 2019 में भारत में 496.11 टन सोने के आयात किया गया था।

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