1 जुलाई तक ECLGS के तहत बैंकों ने 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृत किये

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) की घोषणा आत्मनिर्भर भारत पैकेज के एक हिस्से के रूप में  सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के समर्थन के लिए की थी।

1 जुलाई, 2020 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और देश भर में निजी बैंकों ने ECLGS के तहत 1.10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण मंजूर किये है। इस 1.10 लाख करोड़ रुपये में से 52,000 करोड़ रुपये 1 जुलाई, 2020 तक वितरित किये जा चुके हैं।

जिन 52000 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है, उनमें से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने 33,000 करोड़ रुपये का वितरण किया है। इस 33,000 करोड़ रुपये को पूरे देश में लगभग 12,59,000 MSMEs के लिए वितरित किया गया था। लगभग 1,45,000 MSME को निजी बैंकों द्वारा शेष 19,000 करोड़ रुपये का वितरण किया गया था।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) क्या है?

देशव्यापी लॉकडाउन के बाद, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण था कि देश भर में एमएसएमई और अन्य व्यवसायों की तरलता संबंधी चिंताओं को सरकार द्वारा दूर किया जाए। ECLGS ने MSMEs को अपने व्यवसायों को फिर से शुरू करने के लिए आवश्यक क्रेडिट प्रदान किया है।

ECLGS के तहत, बैंकों को प्रोत्साहन दिया गया ताकि देश भर में MSME और व्यवसायों को 3 लाख करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जा सके। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) ECLGS के तहत बैंकों द्वारा स्वीकृत ऋण के लिए 100 प्रतिशत गारंटी प्रदान करेगी।

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