13वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन

भारत और जापान के बीच वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन का आयोजन 28-29 अक्टूबर, 2018 को जापान में किया गया, इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री मोदी जापान की यात्रा पर गये थे। दोनों देशों के बीच साझेदारी काफी परिवर्तित हो गयी है और यह “विशेष सामरिक तथा वैश्विक साझेदारी” के रूप में बदल गयी है।

मुख्य बिंदु

जापानी निवेशक भारत में 2.5 अरब डॉलर का निवेश करेंगे।

दोनों पक्षों ने 2+2 वार्ता के आयोजन पर सहमती प्रकट की, इसमें दोनों देशों के विदेश मंत्री तथा रक्षा मंत्री हिस्सा लेंगे।

क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर तथा औद्योगिक नेटवर्क के विकास के लिए भारत-जापान बिज़नेस प्लेटफार्म की स्थापना की जाएगी।

दोनों देश पारंपरिक औषधि जैसे आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में भी सहयोग करेंगे।

दोनों देशों ने आयुष्मान भारत और जापानी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभ एक दूसरे के साथ साझा करने पर भी सहमती प्रकट की।

दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य तथा नौसैनिक अड्डे के उपयोग के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे।

जापान उत्तर-पूर्वी भारत के अधोसंरचना प्रोजेक्ट्स ओ अपग्रेड करने के लिए निवेश करेंगे, इसकी सहायता से दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत की कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी।

दोनों देश अफ्रीका तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे।

भारत-जापान सम्बन्ध

भारत और जापान श्रीलंका में LNG अधोसंरचना के विकास में सहयोग, अफ्रीका में स्वास्थ्य सुविधा तथा केन्या में कैंसर हॉस्पिटल के विकास के लिए एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा दोनों देश म्यांमार में भी सहयोग कर रहे हैं, म्यांमार में राखिन प्रांत के विकास के लिए  सहयोग किया जा रहा है, जबकि बांग्लादेश में रामगढ से बरियारहाट  के बीच कनेक्टिविटी तथा  जमुना नदी पर जमुना रेलवे पुल के निर्माण दोनों देश के सहयोग से किया जा रहा है। पिछले वर्ष “द एक्ट ईस्ट फोरम” था गठन किया गया था, इससे उत्तर-पूर्व में दोनों देशों ने मिलकर कार्य किया। भारत और जापान मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल के लिए भी सहयोग कर रहे हैं।

 

 

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , ,