CCEA ने विदर्भ और मराठवाड़ा में सिंचाई परियोजना के लिए विशेष पैकेज को दी मंज़ूरी

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों विदर्भ और मराठवाड़ा के लिए सिंचाई योजना को मंज़ूरी दी। इनमे से 83 छोटी सिंचाई योजनायें, जबकि 8 बड़ी अथवा मध्यम सिंचाई परियोजनाएं हैं।

मुख्य बिंदु

इस विशेष पैकेज के द्वारा 3.77 हेक्टेयर सूखा प्रभावित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे किसानों को कृषि करने में सरलता होगी और फसल अधिक होगी, इसका परिणामस्वरूप किसानों की आय में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त कृषि क्षेत्र में रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।

इस सिंचाई परियोजनाओं को प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के अंतर्गत फण्ड दिए जा रहे हैं। यह दिसम्बर, 2019 तक पूरी हो जाएँगी। इन परियोजनाओं की प्रगति का विश्लेष्ण राज्य तथा केन्द्रीय जल आयोग करेगा। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागन 13651 करोड़ रुपये हैं, इसमें में केंद्र का योगदान 3,831 करोड़ रुपये हैं। शेष धन राशि राज्य को नाबार्ड बैंक के द्वारा प्राप्त करनी होगी।

पृष्ठभूमि

2012 से 2016 के दौरान महाराष्ट्र में कई क्षेत्रों में सूखे के हालात बने हैं। सूखे की स्थिति सबसे अधिक भयावह विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों में किसानों द्वारा आत्महत्या किये जाने की दर काफी अधिक है। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र के कई अन्य क्षेत्रों में भी सूखे के हालात हैं। राज्य में कई सिंचाई परियोजनाएं फण्ड की कमी के चलते अधर में लटकी हुई हैं।

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