DRDO का रुस्तम-2 ड्रोन कर्नाटक में दुर्घटनाग्रस्त हुआ

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन द्वारा निर्मित किया जा रहा रुस्तम-2 ड्रोन कर्नाटक के चित्रदुर्ग में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह दुर्घटना रुस्तम ड्रोन के परीक्षण के दौरान पेश आई।

रुस्तम-2 अलग-अलग तरह के पेलोड साथ ले जाने में सक्षम है। इस मानवरहित विमान प्रोजेक्ट की शुरुआत तीनो सेनाओं की आवश्यकताओ को ध्यान में रखकर शुरू की गयी है। मानव रहित विमानों को एयरोनाटिकल डेवलपमेंट एस्टाब्लिश्मेंट (ADE) जो की DRDO का ही एक शाखा है, के द्वारा विक्सित किया गया है। इस प्रक्रम में ADE के साथ हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड तथा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भी साझेदार हैं।

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO)

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) की स्थापना 1958 में की गयी थी, इसका मुख्यालय नई दिल्ली के DRDO भवन में स्थित है। यह भारत सरकार की एजेंसी है। यह सैन्य अनुसन्धान तथा विकास से सम्बंधित कार्य करता है। DRDO का आदर्श वाक्य “बलस्य मूलं विज्ञानं” है। DRDO में 30,000 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। वर्तमान में DRDO के चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी हैं। DRDO का नियंत्रण केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के पास है। DRDO की 52 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है।

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