DRDO ने नयी पीढ़ी के वॉरगेमिंग सॉफ्टवेयर को नौसेना को सौंपा

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन ने हाल ही में नयी पीढ़ी के वॉरगेमिंग सॉफ्टवेयर को भारतीय नौसेना को सौंप दिया है, इस सॉफ्टवेयर का विकास दिल्ली बेस्ड ‘इंस्टिट्यूट फॉर सिस्टम्स स्टडीज एंड एनालिसिस (ISSA) द्वारा किया गया है। ISSA DRDO की एक प्रयोगशाला है।

मुख्य बिंदु

इस नए सॉफ्टवेयर के द्वारा समुद्री युद्ध केंद्र को प्रशिक्षण प्रदान करने में आसानी होगी। इसका निर्माण ISSA द्वारा समुद्री युद्ध केंद्र (MWC) विशाखापत्तनम के साथ मिलकर किया गया है।

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO)

रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन (DRDO) की स्थापना 1958 में की गयी थी, इसका मुख्यालय नई दिल्ली के DRDO भवन में स्थित है। यह भारत सरकार की एजेंसी है। यह सैन्य अनुसन्धान तथा विकास से सम्बंधित कार्य करता है। DRDO का आदर्श वाक्य “बलस्य मूलं विज्ञानं” है। DRDO में 30,000 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। वर्तमान में DRDO के चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी हैं। DRDO का नियंत्रण केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय के पास है। DRDO की 52 प्रयोगशालाओं का नेटवर्क है।

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