JIMEX 18 : भारत-जापान समुद्री युधाभ्यास का तीसरा संस्करण विशाखापत्तनम में शुरू हुआ

भारत-जापान समुद्री युधाभ्यास JIMEX का तीसरा संस्करण आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। JIMEX 18 का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच इंटर-ओपेराबिलिटी तथा आपसी समझ को बेहतर बनाना है।

JIMEX 18

इस समुद्री युद्ध अभ्यास का आयोजन 7 से 15 अक्टूबर के बीच किया जा रहा है। इसमें 4 दिन बंदरगाह चरण तथा 4 दिन समुद्री चरण में अभ्यास किया जायेगा। बंदरगाह चरण में पोत के क्रू के साथ योजना निर्माण, विचार-विमर्श तथा खेल गतिविधियों इत्यादि शामिल हैं। जबकि समुद्री चरण में पनडुब्बी विरोधी युद्ध अभ्यास, गन फायरिंग, VBBS ड्रिल (विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर) तथा क्रॉस चेक हेलो ऑपरेशन  इत्यादि शामिल हैं।

इस युधाभ्यास में जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल का प्रतिनिधित्व कागा (इजुमो श्रेणी का हेलीकाप्टर डिस्ट्रॉयर), इनाज़ुमा (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर) तथा एस्कॉर्ट फ्लोटिला (CCF-4) द्वारा किया जा रहा है। जबकि भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व आईएनएस सतपुड़ा, आईएनएस कदमत, पनडुब्बी विरोधी युद्धक कार्वेट, मिसाइल कार्वेट तथा आईएनएस शक्ति द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त इस अभ्यास में एक पनडुब्बी, P8I लॉन्ग रेंज समुद्री गश्ती एयरक्राफ्ट तथा कुछ एक हेलीकाप्टर भी हिस्सा ले रहे हैं।

पृष्ठभूमि

भारत और जापान के बीच समुद्री युद्ध अभ्यास JIMEX की शुरुआत जनवरी, 2012 में हुई थी, इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग पर फोकस करना था। पहली बार इस युद्ध अभ्यास का आयोजन जापानी तट पर किया गया था। पिछली बार इस युद्ध अभ्यास का आयोजन दिसम्बर, 2013 में चेन्नई में किया गया था।

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