NREGS में महिलाओं की हिस्सेदारी 8-वर्ष के निम्नतम स्तर पर पहुंची

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGS) पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण कहता है कि NREGS में महिलाओं की हिस्सेदारी 2013-14 के बाद सबसे कम स्तर पर पहुँच गयी है। यह आंकड़ा 52.46% हो गया है।

मुख्य बिंदु

आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 13.34 करोड़ सक्रिय लाभार्थी हैं। इसमें से 6.58 करोड़ महिलाएं हैं। डाटा यह भी कहता है कि इस योजना ने चालू वर्ष के लिए 280 करोड़ व्यक्ति दिवस सृजित किए थे। इसमें से, 183 करोड़ व्यक्ति दिवस पहले ही उत्पन्न हो चुके हैं। यह ग्रामीण भारत में संकट का संकेत है।

NREGS में भाग लेने वाली महिलाओं की संख्या में कमी पुरुषों की बढ़ती भागीदारी के कारण हो सकती है।

राज्यवार विवरण

महिलाओं की हिस्सेदारी का राष्ट्रीय औसत 2.24% कम हो गया है। राज्यों में, आंध्र प्रदेश में सबसे अधिक 3.58% की गिरावट देखी गई। 2019 में आंध्र प्रदेश  में इस योजना में महिलाओं की भागीदारी 60.5% थी और अब यह घटकर 56.47% हो गई है। इसके बाद पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश का स्थान रहा।

महिलाओं की हिस्सेदारी में गिरावट वाले अन्य राज्यों में मध्य प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, गुजरात, ओडिशा, केरल, महाराष्ट्र, असम, पुदुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, गोवा और कर्नाटक हैं।

केरल में महिला व्यक्ति दिवस की सबसे अधिक हिस्सेदारी थी। इसके बाद पुडुचेरी, तमिलनाडु, गोवा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश का स्थान है।

जम्मू और कश्मीर राज्य में महिलाओं की सबसे कम भागीदारी थी। यहाँ 30.72% भागीदारी रही। इसके बाद उत्तर प्रदेश, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश का स्थान है।

राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGS)

NREGS COVID-19 संकट के वर्तमान परिदृश्य में महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि भारत सरकार ने NREGS के माध्यम से अपने घरेलू शहरों में लौटे प्रवासी श्रमिकों को आजीविका प्रदान करने की योजना बनाई है। योजना को लागू करने के लिए जल जीवन मिशन को शामिल किया जायेगा। जल जीवन मिशन के तहत, भारत सरकार का लक्ष्य देश के सभी घरों में जल प्रदान करने के लिए नल कनेक्शन प्रदान करना है। इसलिए, NREGS के माध्यम से जल जीवन मिशन को लागू करने के लिए प्रवासी श्रमिकों और अन्य ग्रामीण बेरोजगारों के कौशल का उपयोग किया जायेगा।

भारतीय रेलवे ने NREGS के तहत प्रवासी कामगारों को काम प्रदान करने के लिए कई कार्यों जैसे कि एप्रोच रोड, पुल निर्माण आदि की पहचान की है।

Advertisement

Month:

Categories:

Tags: , , , ,