NRTI: भारत का पहला रेलवे विश्वविद्यालय वड़ोदरा में देश को समर्पित किया गया

15 दिसम्बर, 2018 को केन्द्रीय रेल मंत्री पियूष गोयल ने भारत के पहला रेलवे विश्वविद्यालय देश को समर्पित किया, यह भारत में इस प्रकार का पहला संस्थान है, जबकि विश्व में रूस और चीन के बाद यह इस प्रकार का तीसरा संस्थान है।

मुख्य बिंदु

  • इस संस्थान का नाम राष्ट्रीय रेल व परिवहन संस्थान (National Rail and Transportation Institution) रखा गया है।
  • यह एक डीम्ड विश्वविद्यालय होगा, जो परिवहन नेटवर्क में प्रबधन और टेक्नोलॉजी से सम्बंधित प्रोफेशनल कोर्स उपलब्ध करवाएगा।
  • रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अशोक लोहानी को इस विश्वविद्यालय का पहला वाईस-चांसलर बनाया गया है।

राष्ट्रीय रेल व परिवहन संस्थान

राष्ट्रीय रेल व परिवहन संस्थान ने अपने कार्य इसी वर्ष 5 सितम्बर को शुरू कर दिया था। इस विश्वविद्यालय के पहले बैच को शार्टलिस्ट कर लिया गया है, इसमें कुल 103 छात्र हैं, इनमे 62 छात्र परिवहन टेक्नोलॉजी में BSc तथा 41 छात्र परिवहन प्रबंधन में BBA कर रहे हैं। यह दोनों तीन वर्षीय कार्यक्रम हैं।

पहले बैच के छात्रों को कोर्स की वार्षिक फीस 75000 में 50% छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है। सभी खर्चों को जोड़कर NRTI की वार्षिक फीस लगभग 91,000 रुपये है।

शैक्षणिक सत्र 2019-20 में परिवहन व सिस्टम डिजाईन, परिवहन सिस्टम इंजीनियरिंग, परिवहन नीति तथा अर्थशास्त्र जैसे विषयों पर मास्टर्स डिग्री कार्यक्रम शुरू किये जाने की योजना है।

इस संस्थान के लिए रेलवे मंत्रालय ने 421 करोड़ रुपये जारी किये हैं, इस विश्वविद्यालय में ग्रीनफील्ड कैंपस अभी निर्माणाधीन है। भारतीय रेलवे ने वड़ोदरा के पिपलिया गाँव में NRTI कैंपस के लिए 110 एकड़ भूमि का प्लाट चिन्हित किया है।

 

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