इसरो Page-17

इस श्रेणी में इसरो से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

भारत के GSAT-11 उपग्रह को सफलतापूर्वक फ्रेंच गुयाना से लांच किया गया

5 दिसम्बर, 2018 को भारत के GSAT-11 उपग्रह को सफलतापूर्वक फ्रेंच गुयाना से लांच किया गया, इसे एरियनस्पेस द्वारा लांच किया गया। यह भारत का सबसे भारी उपग्रह है, इसका भार 5,854 किलोग्राम है। इस उपग्रह की सहायता से भारत में इन्टरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। यह सैटेलाइट 15 वर्षों तक कार्य करेगा। इसका निर्माण इसरो ने कियाRead More...

मोहम्मद VI-B: मोरक्को ने लांच किया दूसरा पृथ्वी पर्यवेक्षण सैटेलाइट

हाल ही में मोरक्को ने दूसरा पृथ्वी पर्यवेक्षण सैटेलाइट सफलतापूर्वक लांच किया, इसका नाम मोहम्मद VI-B है। इसे फ्रेंच गुयाना के अन्तरिक्ष केंद्र से एरियनस्पेस के वेगा राकेट की सहायता से लांच किया गया। इस सैटेलाइट को मोहम्मद 6-A सैटेलाइट की कक्षा में ही लांच किया जायेगा। मोहम्मद 6-A सैटेलाइट को मोरक्को ने नवम्बर,Read More...

इसरो ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के साथ अन्तरिक्ष विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये

इसरो (भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन) ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय जम्मू के साथ अन्तरिक्ष विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये। यह जम्मू-कश्मीर में इस प्रकार का पहला संस्थान होगा। अन्तरिक्ष विज्ञान इसमें विज्ञान की विभिन्न शाखाओं जैसे, गणित, भौतिकशास्त्र, खगोलशास्त्र, रसायनशास्त्र,Read More...

इसरो और रोसकॉसमॉस गगनयान मिशन के लिए मिलकर कार्य करेंगे

भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) तथा रूस की संघीय अन्तरिक्ष एजेंसी रोसकॉसमॉस मिलकर गगनयान मिशन के लिए कार्य करेंगे। इसके लिए दोनों देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच वार्ता के बाद MoU पर हस्ताक्षर किये गये। मुख्य बिंदु इस MoU के तहत अन्तरिक्ष में मानव उड़ानRead More...

इसरो ने PSLV-C42 की सहायता से लांच किये दो नए सैटेलाइट NovaSAR और S1-4

16 सितम्बर, 2018 को इसरो ने यूनाइटेड किंगडम के NovaSAR और S1-4 सैटेलाइट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अन्तरिक्ष केंद्र से लांच किया। इनका विकास यूनाइटेड किंगडम की सरे सैटेलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा किया गया है। मुख्य बिंदु PSLV C-42 ने इन सैटेलाइट को 17 मिनट और 45 सेकंड की उड़ान के बाद पृथ्वी से 583 किलोमीटरRead More...