एथेनॉल

इस श्रेणी में एथेनॉल से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

जैव उर्जा पर भारत-ब्राज़ील MoU को कैबिनेट ने मंज़ूरी दी

केन्द्रीय कैबिनेट ने भारत-ब्राज़ील MoU को मंज़ूरी दे दी है। वर्ष 2016 में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने नवीकरणीय उर्जा के क्षेत्र में शोध व विकास को सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सहमती व्यक्त की थी। इसके बाद दोनों देशों ने MoU पर हस्ताक्षर किये थे। भारत-ब्राज़ील उर्जा मांग लैटिन अमेरिकाRead More...

राष्ट्रीय जैव इंधन नीति की क्रियान्वयन अपडेट्स

केन्द्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जून, 2018 में राष्ट्रीय जैव इंधन नीति के सन्दर्भ में अधिसूचना जारी की थी। 18 नवम्बर, 2018 को केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस नीति के क्रियान्वयन के सन्दर्भ में लोकसभा में लिखित जवाब दिया है। सरकार द्वारा उठाये गये कदम तथा उपलब्धियां 2013-14 मेंRead More...

इंडियन आयल पानीपत में करेगा 2G एथेनॉल प्लांट की स्थापना

हरियाणा के पानीपत में 2G एथेनॉल प्लांट की स्थापना के लिए पर्यावरण मंत्रालय ने इंडियन आयल कारपोरेशन को क्लीयरेंस दे दी है। इंडिया आयल इस प्लांट की स्थापना के लिए 766 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस प्लांट में उप्तादित किये जाने वाले एथेनॉल को परिवहन इंधन में मिलाया जायेगा। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों की आयRead More...

हरियाणा सरकार ने एथेनॉल प्लांट के लिए इंडियन आयल कारपोरेशन के साथ MoU पर किये हस्ताक्षर

11 सितम्बर, 2018 को हरियाणा सरकार ने इंडियन आयल कारपोरेशन के साथ पानीपत में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किये। इस एथेनॉल प्लांट को 900 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जायेगा। मुख्य बिंदु इस प्लांट की क्षमता 100 किलोलीटर प्रति दिन होगी, इसमें फसल के अवशेष उपयोग किया जायेगा। राज्य का कृषि व किसान कल्याणRead More...

बी-मोलासेस अथवा गन्ना रस से डायरेक्ट एथेनॉल निर्माण के लिए केंद्र ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने शुगर मिल को सीधे गन्ना रस अथवा बी-मोलासेस से एथेनॉल निर्माण के लिए अधिसूचना जारी की। इसके लिए शुगरकेन कण्ट्रोल आर्डर, 1966 में संशोधन किया गया। इस निर्णय के बाद सरप्लस वर्ष में शुगर मिल गन्ना रस को एथेनॉल निर्माण के लिए उपयोग कर सकते हैं। मुख्य बिंदु इससे पहले एथेनॉल निर्माण के लिए सी-मोलासेसRead More...