रूस

इस श्रेणी में रूस से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

रूस ने सबसे बड़े हाइड्रोजन बम विस्फोट का परीक्षण वीडियो जारी किया

27 अगस्त, 2020 को रूस ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन बम के विस्फोट का 40 मिनट का वीडियो जारी किया। इस बम को ज़ार बम कहा जाता था। यह हिरोशिमा नागासाकी एटम बम लिटिल बॉय और फैट मैन की तुलना में 3,333 गुना अधिक विनाशकारी माना जाता है। मुख्य बिंदु हाइड्रोजन बम का परीक्षण सबसे पहले नोवा जेमलिया, आर्कटिक महासागर के एकRead More...

भारत पहली बार रूस की विजय दिवस परेड के लिए तीनों सेनाओं को भेजेगा

भारत अपनी तीनों सेनाओं, जैसे कि सेना, नौसेना और वायु सेना को रूस भेजेगा। मास्को में होने वाली विजय दिवस परेड में यह सैनिक हिस्सा लेंगे। मुख्य बिंदु विक्ट्री डे परेड में हिस्सा लेने के लिए लगभग 75 से 80 कर्मी मास्को जायेंगे। यह पहली बार है जब भारत की तीनों सेनाएं इसमें भाग ले रही हैं। इससे पहले, 2015 में भारतीय सेनाRead More...

रूस ने अपने पहले स्टेल्थ बॉम्बर विमान का निर्माण किया

रूस ने अपने पर्सपेक्टिव एविएशन कॉम्प्लेक्स फॉर लॉन्ग रेंज एविएशन (PAKDA) प्रोग्राम के तहत अपना पहला स्टेल्थ बॉम्बर विमान बनाया है। मुख्य बिंदु रूस वर्तमान में अपनी सेना का बहुत तेज गति से आधुनिकीकरण कर रहा है। स्टेल्थ बॉम्बर ऐसी ही एक उन्नति है। यह बमवर्षक विमान सुखोई Su-57 सुपरसोनिक फाइटर जेट के बाद दूसरी पीढ़ीRead More...

मिशन गगनयान : इसरो स्थानीय स्टार्ट-अप्स की प्रौद्योगिकियों का उपयोग करेगा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने गगनयान मिशन में भारतीय स्टार्ट-अप्स की 17 तकनीकों को चिन्हित किया है। मुख्य बिंदु चिन्हित की गई प्रौद्योगिकियों में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भोजन और दवा, जीवन समर्थन प्रणाली, आवास, थर्मल संरक्षण प्रौद्योगिकियां और विकिरण-विरोधी प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। इसरो इस मिशनRead More...

रूस लांच करेगा पहला ‘‘Arktika-M’’ उपग्रह

रूस की एक एयरोस्पेस कंपनी की हालिया घोषणा के अनुसार रूस आर्कटिक जलवायु और पर्यावरण की निगरानी के लिए पहला ‘‘Arktika-M’’ उपग्रह लॉन्च करने जा रहा है। इस उपग्रह का पहला संस्करण विकसित किया जा चुका है और इसे इस वर्ष लॉन्च किया जायेगा। जबकि दूसरा उपग्रह 2023 में लॉन्च किया जाएगा। रिमोट-सेंसिंग उपग्रह ‘Arktika-M’ से पृथ्वी केRead More...