रोहिंग्या

इस श्रेणी में रोहिंग्या से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

3 मार्च, 2020 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के मामले पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने  सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। UNHCR  ने सीएए को चुनौती देते हुए मामला दायर किया है। भारत भारत का मानना ​​है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम देश का आंतरिक मामला है। और यह संवैधानिक रूप से मान्य है। मुख्य बिंदु नागरिकता संशोधन अधिनियमRead More...

म्यांमार के राष्ट्रपति की भारत यात्रा : भारत और म्यांमार ने 10 ज्ञापन समझौतों पर हस्ताक्षर किये

27 फरवरी, 2020 को म्यांमार के राष्ट्रपति यू विन मिंट ने भारत की यात्रा पर आये। उनकी इस यात्रा के दौरान, भारत और म्यांमार ने विभिन्न क्षेत्रों में 10 ज्ञापन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मुख्य बिंदु इस यात्रा के दौरान तस्करी के शिकार लोगों के प्रत्यावर्तन, त्वरित प्रभाव परियोजनाओं, राखीन राज्य के विकास आदि समझौतों परRead More...

एक लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश के भासन चार द्वीप में रखा जाएगा

बांग्लादेश सरकार ने भासन चार द्वीप में एक लाख रोहिंग्या शरणार्थियों को बसाने की योजना बनायी है। गौरतलब है कि मानसून में अक्सर यह द्वीप पानी में डूब जाता है। अब इस द्वीप के चारो ओर बाड़बन्दी करवाई गयी है। हालाँकि अब तक रोहिंग्या शरणार्थियों को इस द्वीप पर बसाने के लिए तिथि की घोषणा नहीं की गयी है। शरणार्थियोंRead More...

म्यांमार ने वा लोन और क्याव सो ओऊ को 511 दिनों की कैद के बाद जेल से मुक्त किया

म्यांमार ने वा लोन और क्याव सो ओऊ को जेल से मुक्त कर दिया है, गौरतलब है कि रायटर्स समाचार एजेंसी के इन दो पत्रकारों ने जेल में 500 से अधिक दिन बिताये। इन दोनों पत्रकारों को सितम्बर में दोषी करार दिया गया था और उन्हें सात वर्ष कैद की सजा दी गयी थी। म्यांमार के राष्ट्रपति विन मिंट ने 6,520 कैदियों को हाल ही में क्षमादानRead More...

यूनेस्को/गुइलेर्मो कानो प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार 2019

यूनेस्को/गुइलेर्मो कानो प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार 2019 रायटर्स के दो रिपोर्टरों वा लोन तथा क्याव सो ऊ को प्रदान किया गया है। इन दो पत्रकारों ने म्यांमार के राखिन राज्य में मानवाधिकार उल्लंघन की रिपोर्टिंग की थी। इन दोनों ने रोहिंग्या मुसलामानों पर म्यांमार में हुए अत्याचारों की रिपोर्टिंग की थी, इसके बादRead More...