विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग

इस श्रेणी में विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने एंटी-माइक्रोबियल कोटिंग प्रौद्योगिकी को मंज़ूरी दी

विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने हाल ही में जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) द्वारा विकसित एंटी-माइक्रोबियल कोटिंग को मंजूरी दी है। एंटी माइक्रोबियल कोटिंग क्या है? एंटी-माइक्रोबियल कोटिंग को कपड़ा, प्लास्टिक आदि जैसी सतहों में लगाया जा सकता है। यह कोटिंग रोगाणुओं को नष्ट कर देती हैRead More...

COVID-19 का रैपिड टेस्ट विकसित करने के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने ‘मोड्यूल इनोवेशन्स’ को वित्त पोषित किया

विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने COVID-19 परीक्षण किट विकसित करने के लिए "मॉड्यूल इनोवेशन" नामक हेल्थकेयर स्टार्टअप को फंडिंग प्रदान की है। इस किट का उद्देश्य परीक्षण के परिणाम को शीघ्र प्रस्तुत करना है। मुख्य बिंदु यह स्टार्टअप तीव्र परीक्षण की अपनी वर्तमान परियोजना के लिए इस फंडिंग का उपयोग करेगा। यह डिवाइसRead More...

COVID-19 पर काम कर रहे स्टार्टअप्स के लिए भारत सरकार ने CAWACH की स्थापना की

विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग ने COVID-19 स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए एक केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया है। यह केंद्र 56 करोड़ रुपये में स्थापित किया जायेगा। मुख्य बिंदु CAWACH को स्टार्ट-अप्स कोसहायता प्रदान करने के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित किया जा रहा है। इसका क्रियान्वयन SINE, IIT बॉम्बेRead More...

COVID-19 के प्रसार को कम करने के लिए भारत सरकार ने 5 अनुसंधान परियोजनाएं शुरू की

हाल ही में  भारत सरकार ने COVID-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए 5 अनुसंधान परियोजनाएं शुरू कीं। भारत सरकार ने बहुत स्पष्ट किया है कि वर्तमान में पहली प्राथमिकता इस रोग के प्रसार को कम करना है। इन परियोजनाओं की देखरेख विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा की जायेगी। प्रोजेक्ट 1 इस प्रोजेक्ट के द्वारा वायरस केRead More...

अघारकर अनुसंधान संस्थान ने नई बायोफोर्टिफाइड उच्च प्रोटीन युक्त गेहूं की किस्म विकसित की

विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के तहत पुणे के अघारकर अनुसंधान संस्थान (ARI) के वैज्ञानिकों ने एक बायोफोर्टिफाइड हाई-प्रोटीन गेहूं किस्म MACS 4028 विकसित की है। यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ जेनेटिक्स में प्रकाशित हुआ है। यह सामान्य गेहूं की किस्मों के मुकाबले कई कीटों और रोगों के लिए प्रतिरोधी है। मुख्य बिंदु इस नई गेहूंRead More...