UNDP

इस श्रेणी में UNDP से संबन्धित हिन्दी भाषा के करेंट अफेयर्स (समाचार सारांश) एवं समसामयिक घटनाक्रम का SSC, Railways, RAS/RPSC, BPSC, MPPSC, JPSC, HPSC, UPPSC, UKPSC एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण समाचारों का संग्रह किया गया है।

CIPET का नाम बदलकर सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी किया गया

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का नाम अब सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी रखा गया है। इस नाम परिवर्तन को तमिलनाडु सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1975 के तहत पंजीकृत किया गया था। मुख्य बिंदु CIPET का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक के विकास में योगदान देना है।Read More...

UNEP ने गुडविल एम्बेसडर के रूप में अभिनेत्री दीया मिर्जा के कार्यकाल को आगे बढ़ाया

7 मई, 2020 को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के कार्यकाल को 2022 तक भारत के गुडविल एम्बेसडर के रूप में विस्तारित किया। दीया मिर्ज़ा संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य अधिवक्ता भी हैं। गुडविल एम्बेसडर सामान्य तौर पर एक गुडविल एम्बेसडर वह व्यक्ति होता है जो वैश्विक मुद्दे या विशिष्ट कारणRead More...

सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के मामले में तेलंगाना शीर्ष पर : संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अनुसार सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के मामले में तेलंगाना सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला राज्य है। दिसम्बर, 2019 में भारत ने SDG India Index जारी किया था, भारत इस प्रकार का सूचकांक जारी करने वाला पहल देश है। इस सूचकांक को नीति आयोग द्वारा लांच किया गया है। मुख्य बिंदु सतत विकासRead More...

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने नई दिल्ली में एक्सेलरेटर लैब लांच की

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने नई दिल्ली में एक्सेलरेटर लैब लांच की है। इसका उद्देश्य भारत में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कार्य करना है, इसमें वायु प्रदूषण भी शामिल है। इस लैब में नवोन्मेष के द्वारा समाधान ढूंढें जायेंगे। इस उद्देश्य की पूर्ती के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने नीति आयोगRead More...

GCF ने भारत के तटीय क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए 43 मिलियन डॉलर की राशि को मंज़ूरी दी

ग्रीन क्लाइमेट फण्ड (GCF) ने भारत के तटीय क्षेत्रों में निवास करने वाले समुदायों द्वारा जलवायु परिवर्तन का सामना करने के लिए 43.4 मिलियन डॉलर की राशि को मंज़ूरी दे दी है।  इस राशि का उपयोग विभिन्न देशों में भू-तापीय उर्जा तथा तटीय समुदायों के संरक्षण इत्यादि के लिए किया जायेगा। मुख्य बिंदु GCF द्वारा फण्ड किया जानेRead More...